5 Amazing Yoga Postures for Improve Digestion(अच्छे पाचन के लिए 5 सर्वश्रेष्ठ योग आसन)


5 Yoga Postures for good Digestion

योग शब्द संस्कृत के मूल शब्द युज से लिया गया है जिसका अर्थ है or जुड़ना ’या’ एकजुट होना। योग शरीर, मन और आत्मा का मिलन है। योग की उत्पत्ति भारत में हुई थी। योग विद्या के अनुसार, भगवान शिव को योग का संस्थापक माना जाता है।

हर तरह के भोजन के साथ, आप यह खाते हैं कि आपका शरीर पोषक तत्वों को अच्छी तरह से अवशोषित करता है। अपने पाचन को बेहतर बनाने के लिए इन योग आसनों को करने से निश्चित रूप से आपके शरीर को बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलेगी और आप स्वस्थ महसूस करेंगे। पाचन आपके दैनिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग में, कई आसन हैं जो पाचन क्रिया को शुद्ध करने और बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

5 Amazing Yoga Postures for Improve Digestion

1.Ardha Matsyendrasana(अर्ध मत्स्येन्द्रासन)

इस आसन को कैसे करें?

i) अपनी पीठ के साथ सीधे बैठें।

ii) बाएं पैर को मोड़ें और दाएं पैर को नितंब के पास रखें।

iii) दाहिने पैर को घुटने से मोड़ें और दाहिने पैर को बाएं घुटने के बाहर फर्श पर रखें।

iv) बाएँ हाथ को दाएँ घुटने के ऊपर उठाएँ और बाएँ हाथ से दाएँ पैर को पकड़ें।

vi) सिर को घुमाएं और पीछे देखें। 10-15 सेकंड के लिए स्थिति बनाए रखें।

Releasing position: (पूर्व स्थिति के लिए 🙂

i) सिर को वापस केंद्र में लाएं।

ii) पैरों को सामने की ओर सीधा करके आराम करें।

Benefits: (लाभ:)

i) यह आसन पाचन समस्याओं को कम करता है।

ii) एकाग्रता को बेहतर बनाने के लिए यह आसन बेहद फायदेमंद है

2)Trikonasana(त्रिकोणासन)

त्रिकोना शब्द संस्कृत के शब्द meaning त्र ’का अर्थ है‘ तीन ’और angle कोना। अर्थ कोण। अंतिम मुद्रा में, शरीर एक त्रिकोणीय आकार की तरह दिखता है। यह आसन सुस्त पाचन को राहत देने में मदद करता है। त्रिभुज मुद्रा एक स्थायी योग मुद्रा है जो स्थिरता को बढ़ाती है और वसा को कम करती है।

इस आसन को कैसे करें?

Steps

i) अपने पैरों को 1-2 फीट अलग रखें।

ii) पैरों को एक पैर की लंबाई के साथ अलग रखें, घुटने असहनीय होने चाहिए।

iii) कंधे के स्तर पर अपनी बाहों को फैलाएं।

iv) कमर से दाईं ओर झुकें।

v) दाहिने हाथ को दाहिनी पिंडली की हड्डी या दाहिने पैर पर रखें।

vi) बायीं भुजा को छत की ओर खींचे और बायें अंगूठे पर टकटकी लगाए। बायां हाथ 90 डिग्री के कोण पर होना चाहिए।

Releasing position: पूर्व स्थिति के लिए

i) वापस आने के लिए, दाईं हथेली पर रहें। अपनी सूंड को सीधा करें और हाथों को कंधों के अनुरूप लाएं।

ii) अपने पैरों को एक साथ लाएं और आराम करें।

iii) श्वास दाहिने घुटने को मोड़ती है और आराम की स्थिति में वापस आती है। मुद्रा दोहराएं और अपने पैर की स्थिति बदलें।

Benefits लाभ

यह आसन पाचन के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह सहायक नहर के सभी अंगों को कवर करता है।

यह आसन पेट, कमर और, कूल्हों के आसपास अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करता है।

Precaution: सावधानी: यदि आप पीठ दर्द, कटिस्नायुशूल और स्लिप डिस्क से पीड़ित हैं तो इस आसन का अभ्यास न करें।

3)Bhujangasana(भुजंगासन)

इस आसन का नाम संस्कृत शब्द भुजंगासन से लिया गया है जिसका अर्थ है सांप और आसन का अर्थ है आसन। अंतिम मुद्रा में, शरीर हुड वाले सांप की तरह दिखता है, इसलिए आसन को भुजंगासन कहा जाता है।

Steps

i) जमीन पर माथे को छूते हुए पेट के बल लेटें। बाहों को शरीर के साथ फैलाएं।

ii) कोहनी पर बाहों को समाप्त करें, हथेलियों को कंधों को फर्श पर रखें।

iii) धीरे-धीरे श्वास लें, सिर, गर्दन और कंधों को ऊपर उठाएं।

iv) ट्रंक को नाभि तक ऊपर उठाएं और पीछे की ओर झुकें। 10-20 सेकंड के लिए मुद्रा बनाए रखें।

Relaxing position आराम की स्थिति:

i) श्वास धीरे-धीरे धड़ और फिर सिर और ठुड्डी को नीचे लाएं।

ii) माथे को जमीन पर रखें।

iii) बाहों को सीधा करें और उन्हें शरीर के किनारे रखें और आराम करें।

Benefits: लाभ:

यह आसन पाचन संबंधी समस्याओं को हल करता है।

यह आसन आंतरिक अंगों विशेषकर यकृत और गुर्दे को लाभ पहुंचाता है।

कोबरा आसन रीढ़ और ऊपरी शरीर को मजबूत करता है। यह एक मल्टी-मसल वर्कआउट है।

Precaution:सावधानी: एक हर्निया, तीव्र पेट दर्द से पीड़ित लोगों को इस आसन से बचना चाहिए। अगर आपको पीठ में चोट थी तो इस मुद्रा को करने से बचें।

4)Dhanurasana (धनुरासन)

इस आसन का यह नाम संस्कृत के दो शब्दों से लिया गया है जिसमें धनुर का अर्थ है धनुष और आसन का अर्थ है आसन। इस आसन को धनुरासन या धनुष आसन के रूप में जाना जाता है क्योंकि शरीर धनुष से मिलता जुलता है।

Steps :

i) पेट के बल लेट जाएं।

ii) साँस छोड़ते हुए, धीरे-धीरे पैरों को घुटनों पर पीछे की ओर मोड़ें।

iii) अपनी क्षमता के अनुसार पैर की उंगलियों या टखनों को हाथों से मजबूती से पकड़ें।

iv) श्वास, जांघों, सिर और छाती को जितना संभव हो उतना ऊपर उठाएं। खिंचाव और पैर की उंगलियों को ले आओ। ऊपर की ओर देखो।

v) 5-10 सेकंड के लिए स्थिति बनाए रखें।

vi) हाथों को छोड़ें और हाथों को अपने शरीर के पास रखें।

vii) पैरों को सीधा करें। पैर, सिर, कंधे और धड़ को धीरे-धीरे नीचे लाएं और कुछ सेकंड के लिए आराम करें।

Benefits लाभ

⚫ यह आसन पाचन के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह सहायक नहर के सभी अंगों को कवर करता है।

⚫ यह आसन पेट, कमर और, कूल्हों के आसपास अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करता है।

⚫ धनुष मुद्रा कोर को मजबूत करने और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए आदर्श है। यह आसन एक पूर्ण शरीर खिंचाव प्रदान करता है जो आसान पाचन को प्रोत्साहित करता है।

Precaution: एहतियात: जो लोग उच्च रक्तचाप, हर्निया, पेप्टिक अल्सर और स्लिप्ड डिस्क से पीड़ित हैं, उन्हें इस आसन से बचना चाहिए।

5)Mayurasna (मयूरासन)

Mayurasna

इस आसन का नाम संस्कृत शब्द मयूरा से लिया गया है जिसका अर्थ है मोर आसन का अर्थ है आसन। अंतिम मुद्रा में, शरीर एक मोर जैसा दिखता है, इसलिए इसे मयूरासन कहा जाता है। मयूरासन एक हाथ संतुलन मुद्रा है जिसमें शरीर धारण किया जाता है। यह मुद्रा आपके पाचन अंगों पर दबाव डालेगी।

Benefits: लाभ:

⚫यह आसन पाचन अंगों की मालिश करता है।
⚫ यह आसन भूख बढ़ाने में मदद करता है।

Precaution एहतियात: हर्निया, हृदय रोगों और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

5 Amazing Yoga Postures for Improve Digestion

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