बवासीर के घरेलू उपचार- कारण, लक्षण, आहार, आयुर्वेदिक उपचार


पाइल्स एक ऐसी स्थिति है जब गुदा नहर में सूजन वाली नसें शौच के सामान्य कार्य में बाधा डालती हैं, खून बहता है, दर्दनाक प्रोलैप्स का कारण बनता है या निर्वहन होता है। मोटापा, कब्ज, संभोग में अधिकता, आग्रह को दबाना, गतिहीन जीवन शैली का नेतृत्व करना, अत्यधिक शारीरिक तनाव, मांसाहारी भोजन, शराब, ठंड, भारी, बिना पके या मसालेदार भोजन पाइल्स के कुछ ज्ञात कारण हैं।

Home Remedies To Get Rid Of Piles-बवासीर के घरेलू उपचार

AYURVEDA TREATMENT OF PILES(PILES का आयुर्वैदिक उपचार)

पाइल्स के लिए आयुर्वेदिक उपचार को मोटे तौर पर चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। ग्रेड 1 और ग्रेड 2 को प्रारंभिक चरण माना जाता है, जबकि ग्रेड 3 और ग्रेड 4 को उन्नत चरण माना जाता है। इन दो चरणों के लिए आयुर्वेदिक उपचार अलग हैं:

GRADE 1 & GRADE 2 को पाचन में सुधार और मल त्याग को नियमित करने के लिए पाइल्स, आहार और जीवन शैली में संशोधन के लिए अनुकूलित दवाओं के साथ प्रबंधित किया जाता है। प्रारंभिक चरण बवासीर में पूरी तरह से राहत के लिए उपचार के उचित पालन।

ADVANCED STAGE GRADE 3&4(उन्नत चरण 3 और 4 ग्रेड)

पाइल्स एक आम दर्दनाक समस्या है जिसकी तुलना आयुर्वेद में ‘एक दुश्मन’ से की गई है, इसलिए इसका नाम अर्श है। बवासीर के घरेलू उपचार बवासीर(Piles) दो प्रकार की होती है, खूनी और बादीवाली। खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है और उनसे खून गिरता है, जबकि बादीवाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है और मस्सों में खाज पीडा और सूजन होती है।हेल्थ,लाइफस्टाइल,बवासीर का घरेलू इलाज,पाइल्स का घरेलू इलाज,piles treatment,

रोग दो रूपों में प्रकट होता है – सूखा या रक्तस्राव बवासीर। हमारे शोध डेटा से पता चलता है कि अधिकांश रोगी प्रारंभिक चरण में अपने बवासीर पर आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं। अपर्याप्त उपाय जैसे कि घरेलू उपचार या जुलाब लेने से मूल समस्या का समाधान नहीं होता है और समय के साथ यह पूरी तरह से समस्या बन जाती है। पाइल्स की अनदेखी करना और उचित उपचार की कमी के कारण, यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की मेजबानी कर सकता है।

CAUSES(कारण)

⚫ Constipation (कब्ज)

⚫ Eating habits (खाने की आदत)

⚫ Disease ( किसी बीमारी के कारण )

⚫ Lifestyle (गलत जीवन शैली से )

⚫ Impaction(मलाशय में कठोर मल का इकट्‍ठा हो जाना)

⚫ Genes (जीन)

SYMPTOMS(लक्षण)

⚫ शौच के दौरान और / या बाद में दर्द और / या रक्तस्राव

⚫ मल या टिश्यू पेपर में रक्त के धब्बे

⚫ गुदा में कुछ लटकते हुए द्रव्यमान या गांठ का महसूस होना

⚫ गुदा क्षेत्र के पास गुदा से या एक फोड़े से श्लेष्मा या मवाद निकलता है

⚫ गुदा खुजली और जलन

⚫एक जुड़े लक्षण के रूप में कब्ज

TREATMENT(उपचार)

बवासीर के घरेलू उपचार

बवासीर दो प्रकार की होती है, खूनी और बादीवाली। खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते है और उनसे खून गिरता है, जबकि बादीवाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है और मस्सों में खाज पीडा और सूजन होती है।

⚫ एक छोटी चम्मच धुले काले तिल ताजा मक्खन के साथ लेने से बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।

⚫ 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। प्रतिदिन सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

⚫ नियमित रूप से गुड़ के साथ हरड़ खाने से बवासीर में जल्दी ही फायदा होता है।

⚫ नागकेशर, मिश्री और ताजा मक्खन को रोजाना बराबर मिलाकर 10 दिन तक खाने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

⚫ जमीकंद को देसी घी में बिना मसाले के भुरता बनाकर खाएँ, शीघ्र ही लाभ मिलेगा।

⚫ सुबह खाली पेट मूली का नियमित सेवन भी बवासीर को खत्मकर देता है।

Home Remedies To Get Rid Of Piles-बवासीर के घरेलू उपचार

⚫ एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकड़ेकर लें फिर उस पर कत्था पीसकर छिड़क दें। शाम को इस केले को खुले आसमान के नीचे रख दें। सुबह शौच के बाद उस केले को खा लें। एक हफ्ते तक लगातार करने से भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती है।

⚫ करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमें 50 ग्राम पिसा जीरा और थोड़ा सा सेंधा नमक मिला दें। पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा पियें। पाँच-सात दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से ठीक हो जाएंगे।

⚫ छोटी पिप्पली को पीसकर उसका चूर्ण बना ले, इसे शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है।

⚫ नीम के छिलके सहित निंबौरी के पावडर का 10 ग्राम रोज सुबह बासी पानी के साथ सेवन करें, लाभ होगा। लेकिन इसके साथ आहार में घी का सेवन आवश्यक है।

⚫ एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने से भी बवासीर में लाभ प्राप्त होता है।

⚫ नीम का तेल मस्सों पर लगाने और 4-5 बूँद रोज पीने से बवासीर में बहुत लाभ होता है।

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